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Sarpgandha Seed (Rauvolfia Serpentina) 100gm
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आयुर्वेद की सबसे दुर्लभ वनस्पतियों में से एक — घर पर उगाएं
सर्पगंधा (Rauvolfia serpentina) शास्त्रीय आयुर्वेदिक परंपरा में सबसे प्रसिद्ध और दुर्लभ वनस्पतियों में से एक है। सदियों से भारतीय हर्बल विरासत में सम्मानित यह अद्भुत पौधा आज जड़ी-बूटी प्रेमियों, वनस्पति उद्यान विशेषज्ञों और अनुबंध किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। SAMRIDHI HERBS आपके लिए लाया है उच्च गुणवत्ता वाले, साफ और सुखाए हुए सर्पगंधा बीज — ताजगी और अंकुरण क्षमता बनाए रखने के लिए सावधानीपूर्वक पैक किए गए।
सर्पगंधा क्यों उगाएं?
- आयुर्वेदिक परंपरा में गहरी जड़ें — शास्त्रीय आयुर्वेदिक ग्रंथों में सबसे सम्मानित वनस्पतियों में से एक, सदियों की समृद्ध विरासत के साथ
- प्राकृतिक एल्कलॉइड से भरपूर — इसमें बायोएक्टिव यौगिक हैं जो व्यापक वनस्पति और वैज्ञानिक शोध का विषय रहे हैं
- दुर्लभ और उच्च मूल्य की फसल — हर्बल निर्माताओं और निर्यातकों की मजबूत मांग इसे एक स्मार्ट कृषि निवेश बनाती है
- वनस्पति और शोध में रुचि — एथनोबॉटनी और पारंपरिक पादप विज्ञान में व्यापक रूप से अध्ययन किया गया; वनस्पति उद्यानों और शोध भूखंडों के लिए आदर्श
- प्रामाणिक भारतीय विरासत पौधा — भारतीय उपमहाद्वीप का मूल निवासी; किसी भी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी संग्रह में एक बहुमूल्य जोड़
उगाने की विधि
- अंकुरण: 15–35 दिन
- दूरी: 30 x 30 सेमी (450 x 300 मिमी)
- मिट्टी: अच्छी जल निकासी वाली, दोमट मिट्टी, नियमित सिंचाई के साथ
- जलवायु: भारत के उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र
- किस्में: Sim-Sheel, TFR RS-1, TFR RS-2
नोट: बीज केवल रोपण, वनस्पति और शोध उद्देश्यों के लिए हैं। सेवन के लिए नहीं।
दुर्लभ जड़ें। समृद्ध विरासत। उस वनस्पति को उगाएं जिसे आयुर्वेद ने पीढ़ियों से संजोया है।